नमस्कार । किसी से डरो ना डरो कुदरत से जरूर डरना चाहिए

पैरों की मोच और छोटी सोच हमें आगे बढ़ने नहीं देती।

टूटी कलम औरो से जलन खुद का भाग्य लिखने नहीं देती है
काम का आलस और पैसो का लालच हमें महान बनने नहीं देता ।
अपना मजबूर ऊंचा और गोरी का अच्छा से सोच हमें इंसान बनने नहीं देती ।दुनिया में सब चीज मिल जाती है केवल अपनी गलती नहीं मिलती ।भगवान से वरदान मांगा कि दुश्मनों से पीछा छुड़वा दो अचानक दोस्त कम हो गई ।जितने भीड़ बढ़ रही है ज़माने में लोग उतने ही अकेले होते जा रहे हैं इस दुनिया के लोग भी कितने अजीब हैं ,सारे खिलौने छोड़ कर जज्बातों से खेलते हैं किनारे पर तैरने वाली लाश को देखकर ये समझ आया बोझ शरीर का नहीं सांसों का था । तारीख हजार साल में बस इतनी सी बदली है तब दौर पत्थर का था । अब लोग पत्थर के हैं सर का सपना छोड़ दो नर्क का डर छोड़ दो कौन जाने क्या पाप क्या पुनर्वास किसी का दिल न दुखे अपने स्वार्थ के लिए बाकी सब कुदरत पर छोड़ दो ।
सफर का मजा लेना है तो साथ में सामान कम देखिए , और जिंदगी का मजा लेना है तो दिल में अरमान कम देखिए और जलवा है मेरा मिट्टी की पकड़ मजबूत होती है तो हमने 5 हसीन देखे हैं जिंदगी को इतना सिरियस लेने की जरूरत नहीं । यारों यहां से जिंदा बचकर कोई नहीं जाएगा जिनके पास सिर्फ सिक्के थे वो मज़े से भीगते रहे । बारिश में जिनके जेब में नोट थे वो छत तलाशते रहे पैसा इंसान को ऊपर ले जा सकता हैं ।
         
            जय श्री राम
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