इसी को कहते हैं भगवान का भक्त अपना सर काट के जीत ते है भगवान को


 भगवान श्री कृष्ण के भागने प्रमाण कर दिया अपना सर काट के ।
एक जंगल में एक आदमी रहते थे उस जंगल में जभी पैड़  से फल नया निकालते थे भगवान श्री कृष्णा के लिए रखा करते थे हर साल ःः उस आदमी ने एक दिन मन में सोचा कि क्यों ना भगवान को हम हाथ से खिलाए तो दिन आया दिन गया फिर से नया फल फलने लागे जब  पककने का टाइम आया जितना भी पैड़ का फल पाक  गया था सब अपना अच्छा-अच्छा देखकर चुनके रखे थे । सब फल को अच्छा से साइज करके कट के रखे थे । फिर उसने भगवान श्रीकृष्ण को पुकार ने लगा हे प्रभु आप कहां है मैं आपका अपेक्षा कर रहा हूं जल्दी से आओ और इस पैड़ का नया फॉल से स्वाद ले लो  । हे प्रभु मैं तो आपको प्रतिवर्ष  फल देता हूं लेकिन आप खाते नहीं , क्या मैं आप का सेवक नहीं हूं , क्या आप मेरे बात को सुन नहीं पाते । उस आदमी ने बहुत पुकार रहे हैं और बहुत रो रहे हैं कहते हैं कि भगवान अगर यह फल को नहीं खाएंगे तो आज मैं अपना जान दे दूंगा ।
इस तरह उसने बहुत बोला लेकिन भगवान श्री कृष्ण ने कोई जवाब नहीं दिया । इस आदमी ने बहुत वक्त बिताने के बाद उसने अपना पास में रखते थे हथियार, उसने अपना हथियार उठाया और एक झटका में अपना गला काट दिया ।
फिर इधर भगवान श्री कृष्ण ने और सह नहीं पाया भक्तों का पास तुरंत आया और कहने लगा है प्रिय है मेरे भक्त अब तुम उठो देखो मैं तुम्हारा पास आ गया हूं तुम्हें क्या चाहिए । उस आदमी ने उठकर देखा भगवान श्रीकृष्ण सायं सामने खड़े हैं देखते ही उस आदमी ने रोने लगा है प्रभु आज तो मेरे जीवन को धन्ना कर दी है आपने ।
 भगवान कहने लगा बोलो प्रिय तुम्हें क्या चाहिए इस आदमी ने कहा प्रभु बस आप मेरे स्वादिष्ट फॉलो को भोग करें । प्रभु श्री कृष्णा ने उनका बात सुनकर बहुत संतुष्ट हुए और कहने लगा कि प्रिय तुम अपना हाथों से मुझे खिलाओ ।  आनंद से अपना हाथों से प्रभु को खिलाया प्रभु श्री कृष्ण ने संतुष्ट होकर कहा कि प्रिय तुम्हें क्या वर चाहिए । इस आदमी ने कहां प्रभु बस जिंदगी भर में आपके नाम जब ता रहूंगा और मुझे कुछ नहीं चाहिए मैं इसमें खुश हूं भला इतना बड़ा जंगल में क्या चाहिए मुझे । बस आप ही जो मेरे सीने में कम थे आज आपने भर दिए ।
फिर भगवान श्री कृष्ण ने कहा  तुम जब भी मुझे बुलाओगे मैं तुम्हारे पास हर वक्त आ जाऊंगा ।

यही बोलकर भगवन अदृश्य हो गया उस आदमी ने खुश कर बोलने  लगा ः।ँ।ँँ

  🙏जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा🙏
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